जब नौकरी हो नई तो इन बातों का रखें ध्यान Follow These Tips In Your New Office


                       

नए कार्यस्थल पर जाना किसी नए रिश्ते की शुरुआत जैसा ही होता है.  नई नौकरी भी किसी नए व्यक्ति की तरह एकदम अलग होती है, जहां पर पसंद-नापसंद तथा काम करने का ढंग भी एकदम अलग होता है.  खुद को नए कार्य स्थल के अनुरूप डालने में कुछ वक्त लगता है.  वहां पर काम करने का ढंग तथा सहकर्मियों का एक-दूसरे से व्यवहार भी एकदम अलग मिलेगा.  ऐसे में नए कार्यस्थल पर आपका थोड़ा सा घबराना भी स्वाभाविक है.  परंतु यह कोई बड़ी परेशानी वाली बात नहीं है.  यहां दिए जा रहे सुझावों को अपनाएंगे तो नहीं कार्यस्थल पर आपकी राह एकदम आसान हो जाएगी.

Also Read : – आलसी का साथ ना दें (कहानी ) ( Do Not Help Lazy People)

रिसर्च करें

आप नई नौकरी के लिए इंटरव्यू देते वक्त  ही उस कंपनी के बारे में रिसर्च करके जाएं.  अगर आपने अपनी नई संगठन से जुड़ने से पहले इसके बारे में ज्यादा नहीं जाना है, तो वहां काम  शुरु करने से पहले कम से कम उसकी वेबसाइट को ऊपर से नीचे तक अच्छे से पढ़ ले.  कंपनी के संबंध में इंटरनेट पर मौजूद हर तरह की खबर को पढ़ने की कोशिश करें,  और जिस विभाग में आपने काम करना है,  उसके बारे में तो अच्छे से जान लेना बेहतर होगा.  दफ्तर में प्रवेश करने से पहले वहां की कार्यशैली के बारे में जानेंगे तो आपके लिए काम बहुत आसान हो जाएगा.

Also Read : – चाणक्य द्वारा लिखित 8 जीवन मार्गदर्शक बातें

खुले मन से प्रवेश करें

हो सकता है कि पहले वाले दफ्तर में आप 11:00 बजे तक काम पर पहुंचते हो, लेकिन नए ऑफिस में आपके लिए 9:00 बजे पहुंचना जरूरी हो.  इसका मतलब यह नहीं है कि नया ऑफिस काम के लिहाज से खराब है,  बस यह थोड़ा सा अलग हो सकता है.  आपको अपनी नई कंपनी तथा कार्यस्थल की सभी अच्छाइयों और कमियों को जानने के बाद ही उसके बारे में विचार तय करना चाहिए.  नई कार्यस्थल को भी आपको पूरा मौका देना होगा ताकि उसकी सभी अच्छाइयां आपके सामने आ सके.

Also Read : – अहंकार को खत्म करने के लिए रखें मन पर नियंत्रण

जल्द प्रभावित न हों

दफ्तर में पहले दिन आपके नए दोस्त बनेंगे.  वह लोग आपसे पहले से वहां काम कर रहे हैं तथा अन्य लोगों और कंपनी की नीतियों के बारे में उनकी अपनी अपनी कुछ राय होगी.  याद रखें कि आप कंपनी तथा वहां काम करने वाले अन्य लोगों के बारे में अपनी राय,  अपने अनुभव के आधार पर ही निर्धारित करें.  दूसरों की बातें सुनकर अपनी राय न बनाएं.  हो सकता है उनमें से कुछ लोगों की बात सच हो तो कुछ की झूठ भी हो सकती है.  इसलिए जब तक सच्चाई का पता नहीं लगे तब तक किसी अन्य की बातों पर भरोसा नहीं करें.

Also Read : – कुछ बुरी आदतें जिनसे अपने कार्यस्थल पर बचना चाहिए

 सुने ज्यादा, बोले कम

अच्छा कर्मचारी बनने की खासियत यह है कि कंपनी की नब्ज़ के बारे में अच्छे से जान लें.  आपको अपनी आंखें और कान खुले रखने चाहिए ताकि सभी जरूरी सूचनाओं के बारे में आप जागरुक रहे. आपको पता होना चाहिए कि किस तरह की कार्यनीति को वहां प्रोत्साहित किया जाता है और किस तरह की नीति को पसंद नहीं किया जाता.  हर तरह के आंकड़ों को जानने से ही आपका काम आसान होगा.  जब तक किसी समस्या के बारे में आपको पूरी जानकारी ना हो,  तब तक उसके बारे में  अपने सुझाव या राय देने का प्रयास न करें.  पहले नए काम के बारे में ज्यादा से ज्यादा सीखने की कोशिश करें.

Also Read : – विश्व का सर्वोत्तम टापू : पलावन

सभी को फ्रेंड रिक्वेस्ट ना भेजें

यदि आप सोशल मीडिया में सक्रिय रहते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप नए कार्यस्थल से जुड़ने के बाद वहां काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने में जुट जाएं.  सोशल मीडिया को लेकर हर व्यक्ति की अपनी अपनी पसंद नापसंद होती है.  इस तरह के रवैए को लोग बचकाना समझ सकते हैं.  साथ ही अपने प्रोफेशनल सर्कल वाले लोगों को अपने पर्सनल या सोशल सर्कल के साथ जोड़ने से लोग आपके नजरिए पर भी सवाल उठा सकते हैं.  सोशल मीडिया पर आप की अत्यधिक सक्रियता का मजाक भी उड़ सकता है.

Also Read : – खुलकर हँसो, खुलकर जियो

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Subscribe For Latest Updates

Signup for our newsletter and get notified when we publish new articles for free!